केंद्र सरकार और खाद्यान्न सुरक्षा मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए देशभर के सभी राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि जिन कार्डधारकों की ई-केवाईसी पूरी नहीं होगी, उनका राशन कार्ड निष्क्रिय किया जा सकता है। ऐसे परिवारों को सरकारी खाद्यान्न और अन्य योजनाओं का लाभ मिलने में बाधा आएगी। इसलिए पात्र लाभार्थियों के लिए तय समय सीमा के भीतर ई-केवाईसी करवाना अनिवार्य है।
राज्यवार तय की गई ई-केवाईसी की अंतिम तिथि
ई-केवाईसी की अंतिम तिथि पूरे देश में एक समान नहीं है, बल्कि हर राज्य ने अपनी-अपनी समय सीमा निर्धारित की है। जिन राशन कार्ड धारकों ने अभी तक केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें अपने राज्य की समयसीमा के अनुसार इसे जल्द पूरा करना होगा। समय सीमा समाप्त होने के बाद केवाईसी न होने की स्थिति में कार्ड अस्थायी रूप से बंद किए जा सकते हैं और लाभ उठाने में दिक्कतें आने की आशंका बढ़ जाएगी।
ई-केवाईसी के दौरान जरूरी होते हैं ये दस्तावेज
राशन कार्ड ई-केवाईसी करवाने के लिए लाभार्थी के पास कुछ मूलभूत दस्तावेज उपलब्ध होना आवश्यक है। इनमें राशन कार्ड, आधार कार्ड, खाद्यान्न पर्ची, बैंक खाता जानकारी, समग्र आईडी तथा सक्रिय मोबाइल नंबर शामिल हैं। सभी दस्तावेजों का अद्यतन होना महत्वपूर्ण है, ताकि प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की त्रुटि या देरी न हो।
ई-केवाईसी क्यों है जरूरी, सरकार ने बताई बड़ी वजह
सरकार का उद्देश्य है कि ration से जुड़े लाभ केवल वास्तविक और योग्य लाभार्थियों तक ही पहुंचें। ई-केवाईसी प्रक्रिया से लाभार्थियों की पहचान सत्यापित होती है और फर्जी या डुप्लीकेट राशन कार्ड को समाप्त किया जा सकता है। इस प्रक्रिया के माध्यम से परिवार में नए सदस्यों को जोड़ा जा सकता है, अनुपस्थित या मृत सदस्यों को हटाया जा सकता है और पूर्ण डिजिटल सत्यापन सुनिश्चित होता है।
ई-केवाईसी पूरी होने के बाद मिलने वाले प्रमुख लाभ
ई-केवाईसी पूरा होने के बाद राशन कार्ड पूरी तरह मान्य और सुरक्षित माना जाता है। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ नियमित रूप से मिलता रहता है और किसी प्रकार की रुकावट नहीं आती। परिवार की सभी जानकारियां अपडेट हो जाती हैं, मोबाइल नंबर और आधार कार्ड लिंक हो जाते हैं और लाभार्थी की पहचान आधिकारिक रूप से प्रमाणित होती है। ई-केवाईसी पूर्ण होने के बाद पात्र परिवारों को सब्सिडी वाले अनाज का वितरण बिना किसी समस्या जारी रहता है।
ई-केवाईसी की लागत: ऑनलाइन पूरी तरह मुफ्त, CSC पर मामूली शुल्क
सरकार ने ई-केवाईसी प्रक्रिया को आम नागरिकों के लिए पूरी तरह मुफ्त रखा है। हालांकि यदि कोई व्यक्ति केवाईसी को CSC केंद्र या किसी कंप्यूटर सेंटर के माध्यम से करवाता है, तो अधिकतम ₹50 तक का सेवा शुल्क लिया जा सकता है। मोबाइल या पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन केवाईसी करने पर किसी भी तरह का शुल्क नहीं लगता।
घर बैठे मोबाइल से करें पूरी ई-केवाईसी प्रक्रिया
तकनीक के आधुनिक उपयोग के साथ राशन कार्ड ई-केवाईसी को अब घर बैठे ही पूरा किया जा सकता है। ‘मेरा केवाईसी’ और ‘फेस आरडी’ जैसे अधिकृत एप्लिकेशन इसके लिए उपलब्ध हैं। एप खोलने के बाद लोकेशन दर्ज करें, आधार नंबर और कैप्चा भरें तथा OTP सत्यापित करें। इसके बाद स्क्रीन पर राशन कार्ड का विवरण दिखाई देगा। अंत में फेस स्कैन पूरा करते ही ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो जाती है और लाभार्थी को डिजिटल पावती मिल जाती है।
निष्कर्ष
राशन कार्ड ई-केवाईसी केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह सरकारी लाभों को जारी रखने का सबसे महत्वपूर्ण कदम है। जिन लाभार्थियों की ई-केवाईसी निर्धारित अवधि में पूरी नहीं होगी, उनके कार्ड के निष्क्रिय होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए सभी पात्र राशन कार्डधारकों को सलाह दी जाती है कि वे जल्द से जल्द अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर लें। अधिक जानकारी के लिए राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट या स्थानीय खाद्यान्न कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।



